सुदीक्षा भाटी का निधन, प्रशासन पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है

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सुदीक्षा भाटी का निधन, प्रशासन पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है

सुदीक्षा भाटी का निधन, प्रशासन पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है
सुदीक्षा भाटी का निधन, प्रशासन पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है

सुदीक्षा भाटी बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश में रहनेवाली २० वर्षीय छात्रा का एक सड़क हादसे में दुखद निधन हो गया। आपको बता दें कि, सुदीक्षा भाटी एक होनहार छात्रा थीं। २०१८ में उन्होंने कक्षा बारहवीं की परीक्षा ९८% अंकों से उत्तीर्ण की थी जिसके बाद उन्हें आगे की पढाई के लिए एचसीएल की ओर से लगभग रुपये ४ करोड़ की छात्रवृत्ति मिली थी और वह अमेरिका पढ़ने चली गयीं थीं। कोरोना संक्रमण में वह स्वदेश लौटीं थी और २० अगस्त २०२० को उन्हें पुनः अमेरिका वापस जाना था।

सुदीक्षा के पिता का कहना है कि, अपने चाचा के साथ स्कूटी पर सोमवार, १० अगस्त, २०२० को अपने मामा के घर औरंगाबाद जा रही थीं तभी अचानक दो बुलेट सवार मनचलों ने उनका पीछा किया, उन्हें गंदे इशारे किये और वह स्टंट करके सुदीक्षा और उसके चाचा को परेशान कर रहे थे। अचानक मनचलों ने उनकी स्कूटी के सामने अपनी बुलेट ओवरटेक करते हुए रोक दी और ऐसे में स्कूटी का संतुलन बिगड़ गया और सुदीक्षा गिर पड़ीं उन्हें जब अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस का कहना है की उन्होंने मौके पर पहुंचकर आस पास के लोगों से बात की तो छेड़खानी की बात सामने नहीं आयी और ये महज एक एक्सीडेंट था। दुर्घटना के समय गाडी सुदीक्षा के चाचा नहीं बल्कि उसका नाबालिग भाई चला रहा था। पुलिस ने मोटर यान अधिनियम की धारा ३०४ अ (लापरवाही से मौत) और भारतीय दंड सहिंता की धरा २९७ (लापरवाही से गाड़ी चलाने ) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

यह मामला जब मीडिया में उठाया गया तो बुलंदशहर के एसएसपी ने सदस्यों की एसआईटी टीम का गठन कर के नेतृत्व की जिम्मेदारी सीओ सिटी दीक्षा सिंह को दे दी है। बुलंदशहर में ट्राफिक नियमों की खुले आम धज्जियाँ उड़ाई जाती हैं। बाइक के साइलेंसर को निकालकर तेज़ कर्कश आवाज़ में गाड़ी चलाना, नंबर प्लेट पर नंबर नहीं लगाना, हेलमेट नहीं पहनना आम अपराध है और ऐसे में उलंघन करने वाले कई बार रुपये १०० – २०० की घुस देकर बच निकलते हैं। ऐसा कई बार संज्ञान में आता है जब भी कोई पीड़ित पुलिस स्टेशन में शिकायत करने जाता है तो उसकी बात नहीं सुनी जाती और पीड़ित को उलटा हड़काकर भेज दिया जाता है।
हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इंडिया टुडे के सर्वेक्षण में सबसे लोकप्रिय और काम करनेवाला मुख्यमंत्री बताया गया है, लेकिन उत्तर प्रदेश से अपराध और महिलाओं की असुरक्षा की ऐसी खबरें अपराध को रोकने में उनकी और उत्तर प्रदेश प्रशासन की असफलता को इंगित करती हैं।

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