सिर्फ डॉक्टर्स ही नहीं , शिक्षक, अधिवक्ता और पुलिस पर होने वाली हिंसा पर कानून होना चाहिए सख्त …..

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सिर्फ डॉक्टर्स ही नहीं , शिक्षक, अधिवक्ता और पुलिस पर होने वाली हिंसा पर कानून होना चाहिए सख्त.

डॉक्टर , शिक्षक , अधिवक्ता यह सभी प्रोफेशन को नोबल प्रोफेशन के रूप में देखा जाता है। यह सभी प्रोफेशन समाज की रीढ़ की हड्डी मानी जाती है। इनके प्रयत्न से ही सामाजिक ढांचा आज भी सुरक्षित और बरकरार है। इनके नही होने से मात्र देश और समाज का भविष्य अंधकारमय होने की संभावना है।

देश में बढ़ती आबादी के कारण आज लोगो मे सहिष्णुता मानो जैसे खत्म हो चुकी हो। लोग आज हर छोटी छोटी बातों पर बहुत आक्रामक हो जाते हैं।

अगर यह आक्रामकता यहीं नहीं रुकी तो देश की परिस्थिती भविष्य में काफी भयंकर हो जाएगी।
ताजा मामला पश्चिम बंगाल का है।जहाँ कुछ उन्मादी भीड़ ने एक डॉक्टर पर हमला करने का मामला सामने आया है। ठीक दूसरी तरफ ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहाँ शिक्षक , अधिवक्ता एवं पुलिस पर भी जानलेवा हमले हुए है।

पुलिस भी समाज का सबसे महत्वपूर्ण घटक होता है क्योंकि यह खाकी वर्दी ही देखकर लोगों को सुरक्षित होने का अहसास होता है। मगर देशभर में जिस हिसाब से पुलिस पर बढ़ते हिंसा के मामले सामने आए है उस हिसाब से लोगों में भय का माहौल बढ़ जाना लाजमी है।

अगर सामाजिक ढांचे को सुरक्षित और सक्षम रखना है तो डॉक्टर, अधिवक्ता, शिक्षक एवं पुलिस पर होने वाली हिंसा पर कठोर कानून बनना चाहिए। आज हिंसा के लिए भारतीय दंड संहिता में केवल कुछ ही वर्ष की सजा का प्रावधान है। इतने कम सजा के कारण आरोपी काफी आसानी से छूट जाता है और अपनी हरकतों से बाज नहीं आता।

देश और समाज को बचाना है तो इन नोबल प्रोफेशन को सुरक्षित करना बेहद जरूरी है क्योंकि अगर इनपर बढ़ती हिंसा का जरा भी प्रभाव बढ़ जाता है तो वह देश और समाज को इस भूमि से नेस्तनाबूद होने से शायद ईश्वर भी रोक नहीं पायेगा ।
भारत सरकार को चाहिए इन नोबल प्रोफेशन को अगर सुरक्षित रखना है तो इनपर होनेवाली हिंसा पर तुरंत दखल लेनी चाहिए। अगर इन पर कोई भी असामाजिक तत्व अगर हमला करते पाएं जाए तो उनपर सजा का प्रावधान कम से कम 10 से 15 साल का होना चाहिए। जिसमे 1 साल तक उस आरोपी को जमानत नहीं मिलनी चाहिए। उस आरोपी पर रासुका अंतर्गत धारा लगा देनी चाहिए। इन सभी केसेस को फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाना चाहिए। कठोर शिक्षा के प्रावधान से ऐसे नोबल प्रोफेशन पर कभी कोई हिंसा करने की दूर दूर तक सोच नहीं पाएगा। सुरक्षित नोबल प्रोफेशन ही देश का भविष्य तय करता है।

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