यूएस को पता होना चाहिए की भारत ने पड़ोसी मुल्क के अल्पसंख्यकों का भी विशेष ख्याल रखा है

0
202

यूएस को पता होना चाहिए की भारत ने पड़ोसी मुल्क के अल्पसंख्यकों का भी विशेष ख्याल रखा है

यूएस भी क्रिस्चियन रेफ्यूजी पर मेहरबान है 

पाकिस्तान में सिख, जैन , बुद्धिस्ट एवं ईसाई अल्पसंख्यकों पर बढ़ते अन्याय को देखते हुए भारत सरकार को कैब (सिटीजन अमेंडमेंट बिल) लाना पड़ा। अगर पाकिस्तान अपने अल्पसंख्यकों को का ख्याल रखता तो भारत को शायद कैब लाना ही नहीं पड़ता।

इन अल्पसंख्यक पर शायद ही कोई देश सोचता। मगर भारत का यह ऐतिहासिक कदम से पाकिस्तान और शरणार्थियों में जश्न का माहौल देखने मिला। रोहिंग्या मुसलमानों पर पूरा विश्व कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। क्यों कोई देश पाकिस्तान और बांग्लादेशी पीड़ितों के लिए आँसू नहीं बहाता ?
भारत में कांग्रेस पार्टी भी रोहिंग्या मुसलमानों को शरण देने के लिए आवाज़ उठा चुकी है। दिल्ली में रोहिंग्या के अधिकार के लिए मार्च निकाला चुकी है। फिर पाकिस्तान और बांग्लादेशी अल्पसंख्यकों पर मार्च आखिर क्यों नहीं निकलते ? क्या पीड़ित सिर्फ रोहिंग्या मुसलमानों है ? क्या पाकिस्तान और बांग्लादेशी अपलसंख्यक पीड़ित नहीं ?

यूएस स्वयं क्रिस्चियन रिफ्यूजी को शरण दे रहा है। मगर इसपर कोई क्यों सवाल नहीं उठता ? मगर जैसे ही भारत कुछ करने जाता है तो मीडिया में कोहराम मच जाता है।भारत में  कैब का विवाद महज एकतरफा है क्योंकि शरणार्थीयो में भी तुष्टीकरण की बू आती है। USCIRF नामक संस्था ने भी CAB को लेकर आपत्ति जताई है परंतु कभी पाकिस्तान और बांग्लादेश के अल्पसंख्यको को लेकर कभी इन देशों को नहीं फटकारा।

 

 

Blog : Anonymous

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.