प्रयागराज में अधिवक्ता अभिषेक शुक्ल पर हमला, अतीक अहमद का गैंग संदेह के घेरे में….

0

प्रयागराज में अधिवक्ता अभिषेक शुक्ल पर हमला, अतीक अहमद का गैंग संदेह के घेरे में….

प्रयागराज में अधिवक्ता अभिषेक शुक्ल पर हमला, अतीक अहमद का गैंग संदेह के घेरे में....
प्रयागराज में अधिवक्ता अभिषेक शुक्ल पर हमला, अतीक अहमद का गैंग संदेह के घेरे में….

प्रयागराज में दो दिन पहले अधिवक्ता अभिषेक शुक्ल पर हमला हुआ है। चश्मदीदों के अनुसार जागृति विहार चौक पर रविवार ९ अगस्त, २०२० को रात ९:१५ बजे अपने कुछ साथियों के साथ अपनी बाइक के पास खड़े थे तभी अचानक कुछ लोग बाइक से आये और दोनों की बाइक एक दूसरे से टकरा गयी जिसमे दूसरे पक्ष ने देसी कट्टे से अधिवक्ता अभिषेक शुक्ल पर गोली चला दी जिसमे वह और उनके साथी संजीव सिंह बाल बाल बच गए उसके बाद बदमाशों ने अधिवक्ता शुक्ल की पिटाई की और मामले को बढ़ता देख जब स्थानीय लोग अधिवक्ता शुक्ल के बचाव में आये तब तक बदमाश वहाँ से भाग चुके थे। घायल अधिवक्ता को एस आर एन अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहाँ उनकी हालत खतरे से बहार बताई गयी है।
घटना की जानकारी मिलते ही अधिवक्ताओं का समूह पुलिस चौकी पहुँचकर अपराधियों को पकड़ने की माँग की और माँग पूरी ना होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दे डाली। इलाहबाद उच्च न्यायलय वकील संघटना के सचिव प्रभाशंकर मिश्र ने बताया की धूमनगंज पुलिस थाने में भारतीय दंड सहिंता की धारा ३०७ और ३९२ के तहत बाबू नाम के आरोपी और उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। बदमाशों ने अधिवक्ता अभिषेक शुक्ल की सोने की चैन और लॉकेट भी लूट ली। यह आशंका जताई जा रही है की इसमें उत्तरप्रदेश के बाहुबली और आपराधिक पृष्ठभूमि के चर्चित नाम अतीक अहमद के गैंग के लोग शामिल थे।
गौरतलब है की अधिवक्ता शुक्ल अभी हाल ही में इलाहबाद उच्च न्यायलय वकील संघटना के सह सचिव नियुक्त हुए हैं और स्थानीय लोग दबी आवाज में कह रहे हैं की गैरकानूनी तौर पर बन रही मस्जिद के विरुद्ध अधिवक्ता शुक्ल ने याचिका दायर की थी इसलिए उनपर यह हमला हुआ है, लेकिन उत्तरप्रदेश पुलिस का कहना है की जांच पूरी होने पर ही यह साफ़ हो पायेगा कि, अधिवक्ता शुक्ल पर हुए हमले में अतीक अहमद गैंग का हाथ है या नहीं और यह हमला गैरकानूनी तौर पर बन रही मस्जिद के खिलाफ दायर की गयी उनकी याचिका के बदले में किया गया है या नहीं। अभी इस पर बिना जांच पूरी हुए कोई पुष्टि नहीं की जा सकती।
उत्तर प्रदेश में कुख्यात अपराधी विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद उत्तर प्रदेश की जनता ने योगी सरकार से मांग करनी शुरू कर दी थी कि, विकास दुबे के बाद उत्तर प्रदेश को मुख़्तार अंसारी और अतीक अहमद जैसे अपराधियों से मुक्त किया जाए। वहीं दूसरी ओर विपक्षी राजनितिक दलों ने इस मौके को लपकते हुए मौजूदा सरकार को ब्राह्मण विरोधी बताकर अपनी राजनिति शुरू कर दी है। वर्ष २०१७ में सत्ता में आते ही योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने का वादा किया था जिसके तहत उत्तर प्रदेश में एनकाउंटर हुए लेकिन हाल ही में हुयी घटनाएं यह बताती हैं की योगी सरकार अपराधियों पर लगाम लगाने में अभी भी असफल है और ऐसे में उसे उत्तर प्रदेश को अपराध मुक्त करने के लिए और अधिक कठोर कदम उठाने होंगे।

नोट: यदि आपको हमारी खबर अच्छी लगे तो हमारे न्यूज़ पोर्टल पर बेल आइकॉन दबाकर इसे सब्सक्राइब करें। आप खुद भी अपनी न्यूज़ हमारे पोर्टल पर होमपेज पर जाकर Submit news ऑप्शन पर क्लिक करके पोस्ट कर सकते हैं, या हमे अपनी न्यूज़ contact@trueblitz.com पर ईमेल कर सकते हैं।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.