विज्ञापन करने वाले सेलिब्रिटी की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

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विज्ञापन करने वाले सेलिब्रिटी की बढ़ सकती हैं मुश्किलें 

स्वर्गीय राजीव गांधी के कार्यकाल में 1986 का ग्राहक संरक्षण कानून को पूर्ण तरीके से रद्द कर केंद्र की मोदी सरकार ने 20 जुलाई 2020 को एक नया कानून पारित किया है से पूरे देश भर में लागू किया जाएगा

ग्राहकों की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए निर्णय लिया गया है. यह कानून सांसद में पिछले वर्ष 9 अगस्त राष्ट्रपति द्वारा हरी झंडी मिली थी मात्र अब यह कानून 20 जुलाई को लागू किया गया है जिसमें 101 कलम  शामिल किया गया है.

उपभोक्ता न्यायालयों बढ़े अधिकार कुछ इस प्रकार हैं. आइए देखते हैं

जिला उपभोक्ता फोरम – 20 लाख रुपए से 1 करोड रुपए तक

राज्य आयोग 1 करोड़ से ₹10 करोड रुपए तक

राष्ट्रीय आयोग 10 करोड़ से अधिक

इस कानून में धोखाधड़ी वाले विज्ञापन भी शामिल है जिन्हें 10 लाख रुपए तक का जुर्माना, 5 साल तक की सजा एवं ₹5 लाख तक का जुर्माना भी शामिल है. साथ साथ विज्ञापन देने वाले सेलिब्रिटी भी अब जिम्मेदार होंगे.

इस नए कानून में एक और प्रावधान है जिसमें उपभोक्ता अदालतों में शिकायतों के निवारण के लिए एक मध्यस्था विभाग भी सलग्न होगा. अगर उपभोक्ता न्यायालय के एक मध्यस्थ द्वारा विवाद को सुलझाने के लिए स्वीकार करता है और दोनों पक्ष इस पर सहमति जताते हैं तो इस विवाद को सुलझाने के लिए 30 दिनों के भीतर अदालत को रिपोर्ट देनी होगी.

इन दोनों पक्ष के समझौते पर सहमति बनने के बाद दोनों पक्षों की सहमति से हस्ताक्षर करेगा और अदालत इसे आधिकारिक रूप से आदेश देकर सील कर देगी. समझौते के बाद किसी भी पार्टी की अपील नहीं माना जाएगा । इस प्रकार अब उपभोक्ताओं को असीमित शक्तियां बहुत जल्द प्राप्त होने वाली है .

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