कमलेश तिवारी ,देवेंद्र फडणवीस के बाद अब काजल हिंदुस्थानी को चेतावनी…

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कमलेश तिवारी ,देवेंद्र फडणवीस के बाद अब काजल हिंदुस्थानी को चेतावनी…

अभिव्यक्ति स्वतंत्रता को दबाने की साज़िश

अब ट्विटर और फेसबुक के राइट विंगर्स है रडार पर

हिंदू समाज पार्टी कमलेश तिवारी की हत्या के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी जान से मारने की धमकी मिली।
धमकियों की वारदातें यहीं पर नहीं थमती।अब काजल हिंदुस्तानी नामक महिला को मोहम्मद जहीर नामक फेसबुक प्रोफाइल के व्यक्ति ने काजल हिंदुस्थानी को चेताया है।काजल हिंदुस्तानी नामक महिला अपने ट्विटर फेसबुक हैंडल के माध्यम से लोगों को जागरूक करती है जो उनके अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा है। मगर कुछ कट्टरपंथीयों को यह हिंदुहितो की बाते रास नहीं आ रही है। इनको भी लगातार जान से मारने की धमकी अप्रत्यक्ष तौर पर दी जा रही है और उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को हमेशा हमेशा के लिए शांत करने की कोशिश नजर आ रही है।

धमकियां की घटनाओं को देखकर ऐसा प्रतीत होने लगा है कि आने वाले समय में हिंदू हितों की बात करने वाले को निशाने पर रखा जा सकता है। सभी हिंदू नेताओं की हत्याओं को देखकर एक बात साफ है कि कुछ कट्टरपंथी और जेहादी विचारधारा रखने वाले लोग और संघटन ने अब सविधानिक मार्ग छोड़ हिंसा का मार्ग अपना लिया है। यह हत्याओं का संबंध सुप्रीम कोर्ट में चल रहे अयोध्या मामलों के निर्णय को लेकर भी हो सकता है। हत्याएं ऐसे वक्त हो रही है जिससे सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर दबाव बनाया जा सके या मामलों को और विलंब किया जा सके।

कोई भी व्यक्ति को किसी भी धर्म पर धार्मिक आस्थाओं पर ठेस पहुंचाने का कोई अधिकार नहीं होता। चाहे वह व्यक्ति कोई भी धर्म का क्यों न हो, चाहे वह कमलेश तिवारी, एम एफ हुसैन, आमिर खान या फिर जाकिर नाइक हो। ऐसे लोगों पर भारतीय संविधान में दंड देने का प्रावधान होता है। मगर उसके बावजूद किसी व्यक्ति या संघटन को किसी की जान लेने का अधिकार भी नहीं होता है।

कौन फैला रहा है बच्चो में नफरत ?

यह कट्टरपंथी विचारधारा की उपज बचपन से ही की जाती है जिसका जीता जागता उदाहरण इन 2 वीडियोस में आसानी से देखा जा सकता है।हालांकि यह वीडियो इन दिनों काफी वायरल हो रहा है। इन 2 वीडियोस में ऐसे बच्चो को प्यार करना छोड़ नफरत की बातें सिखाया जाता है जो की बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। यही नफरत की चिंगारी बड़े होते ही ज्वालामुखी का रूप लेती है।

बच्चों का मन कोरे कागज की तरह होता है जैसे आप इसपर संस्कार करोगे वैसे ही छाप उनके संस्कार पर होगी। यह बच्चे ही बड़े होकर और नफरत उगलेंगे और समाज को तोड़ने की कोशिश करेंगे ।ऐसे बच्चो पर कानूनी कार्यवाही न होकर ऐसे संस्कार देने वाले और उकसाने वालो पर शीघ्रता से कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए। गुनाह करने वालो से ज्यादा प्रक्षोभक भाषण करने वाला जिम्मेदार होता है। प्रक्षोभक भाषण करने वाला व्यक्ति का कुछ नहीं बिगड़ता बल्कि उकसाने पर हिंसा करनेवाला व्यक्ति का मात्र आर्थिक, मानसिक और पारिवारिक नुकसान होता है।

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