चेतन शर्मा पर हुए जानलेवा हमले के बावजूद हुई गौहत्या करने वालो पर कार्यवाही

0
96

चेतन शर्मा पर हुए जानलेवा हमले के बावजूद हुई गौहत्या करने वालो पर कार्यवाही

शिल डायघर परिसर में 1 लाख रुपए का गौमांस जप्त

गौहत्या बंदी कानून होने के बावजूद गौहत्या थमने का नाम नहीं ले रही है। शिल डायघर परिसर में शनिवार 13 जुलाई को करीबन 1लाख रुपए का गौमांस जप्त किया गया।
सूत्रों के अनुसार , पशुप्रेमी संस्था के चेतन शर्मा को खबर मिली की बदलापुर MIDC से होते हुए एक पिक अप रात को रवाना होने वाली है। खबर मिलते ही चेतन शर्मा ने ठाणे कंट्रोल रूम में कॉल कर जानकारी दी। जैसे ही पिक अप डायघर नाके पर पहुंची पशुप्रेमी महेश पाटिल और कमलेश गुप्ता ने पिक अप रोकी। ड्राइवर ने तुरंत बताया की इसमें बीफ है। महज 2 मिनिटों में शिल डायघर पुलिस वहाँ पहुंची और बीफ को जप्त कर लिया। जैसे जैसे जानकारी पता लगने लगी स्थानिक गाँव के समाजसेवी और बजरंग दल कार्यकर्ता भी तुरंत शिल डायघर पहुंचे।
पुलिस के अनुसार यह बीफ (Beef) गाय और बैल का है जो करीबन 1 लाख रुपए कीमत की बताई जा रही है। कर्जत में शकील चा वाडा नामक जगह पर गाय बैल की  कत्तल हुई थी, जिसकी बिक्री मुंबई और अन्य क्षेत्रों में होने वाली थी।

बिना परवाना गाड़ी चलाना , गैर कानूनी तरीके से गाय बैल की कत्तल करना और खाद्य और अन्न सुरक्षा 2006 अधिनियम के अनुसार पुलिस ने शकील और उसके सहयोगी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
चेतन शर्मा , महेश पाटिल ,कमलेश गुप्ता और सभी बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने शिल डायघर की तत्परता देख सभी पुलिस वालों के लिए आभार व्यक्त किया। कमलेश गुप्ता का कहना है की महाराष्ट्र मौजूदा कानून होते हुए भी गाय बैल की कत्तल की जा रही है। भले ही दूसरे राज्यों से आया बीफ(Beef) का वितरण कानूनी है मगर इसी नियम के आड़ में गौहत्या महाराष्ट्र में धड़ल्ले से हो रही है। महाराष्ट्र(MH) में उत्तर प्रदेश(UP) सरकार जैसे कानून लागू हो तो कुछ हद तक गौहत्या रुक पाएगी।

बेनेवलेन्ट वेलफेयर एसोसिएशन और पीपल फ़ॉर एनिमल्स (PFA) के सदस्य चेतन शर्मा का कहना है की मुझपर कुछ दिनों पहले जानलेवा हमला हुआ था। मगर मुझे उस घटना से थोड़ा भी भय नहीं है और अब दुगनी तेज़ी से कारवाही होगी। हमने हमेशा संविधान को सबसे उपर रखा है।कानून कभी हाथ में नहीं लिया है।मगर गौहत्याबंदी कानून होते हुए भी अगर कानून को ताक पर रखा जाता है तो यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण विषय है।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.