भिवंडी माँगे जवाब टीम ने भिवंडी की जनता का किया आवाह्न

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भिवंडी माँगे जवाब टीम ने भिवंडी की जनता का किया आवाह्न

विगत डेढ़ वर्षों से भिवंडी मांगे जवाब टीम निरंतर भिवंडी को सुधारने के लिए एक जन आंदोलन चला रही है इस जन आंदोलन का नाम है “भिवंडी मांगे जवाब”

इस आंदोलन के तहत उन्होंने शहर के महानगरपालिका आयुक्त डॉ प्रवीण अष्टीकर से मिलने का समय मांगा है। डॉक्टर प्रवीण अष्टीकर ने भिवंडी मांगे जवाब टीम को 4 जनवरी, 2020 दिन शनिवार को मिलने के लिए बुलाया है।

मीटिंग के फिक्स हो जाने के बाद भिवंडी मांगे जवाब टीम ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट करके लोगों से कहा है कि जनता ने आपले सरकार पर जितनी भी शिकायत दर्ज की है और जिन पर कार्यवाही नहीं हुई है उन सारे शिकायतों को उनके पास भेजें वह उन सारी शिकायतों पर भिवंडी निजामपुर महानगरपालिका के आयुक्त डॉक्टर प्रवीण अष्टीकर से चर्चा करेंगे और उन्हें उससे अवगत करायेंगे।

यदि कोई भिवंडीकर शहर सुधारने के लिए कोई सुझाव भी देना चाहता है तो भिवंडी मांगे जवाब टीम को दे सकता है और वह इस सुझाव को लेकर डॉक्टर प्रवीण अष्टीकर से बात करेंगे। भिवंडी माँगे जवाब टीम की कोशिश है कि डॉ प्रवीण अष्टीकर भिवंडी महानगरपालिका आयुक्त जनता के साथ ओपन मीटिंग करें और ओपन मीटिंग करके जनता और महानगरपालिका प्रशासन के बीच में एक संवाद कायम हो सके।

इसस तरह का संवाद जनता और महानगरपालिका प्रशासन के बीच में एक पुल के रूप में कार्य करेगा और दोनों के बीच में समस्याओं के समाधान का सामंजस्य स्थापित हो सकेगा। भिवंडी मांगे जवाब टीम ने इससे पहले इस तरह का निवेदन पूर्व के आयुक्त मनोहर हिरे और अशोक रणखाम्ब से भी किया था पर उनकी तरफ से कोई प्रतिसाद नहीं मिला।
डॉक्टर प्रवीण अष्टीकर की तरफ से भी इस मुद्दे पर कोई पुष्टि नहीं हुई है कि वह ओपन मीटिंग के लिए तैयार होंगे या नहीं होंगे, लेकिन भिवंडी मांगे जवाब टीम उन से आने वाले मीटिंग में यह निवेदन जरूर करेगी कि वह ओपन मीटिंग करें और ओपन मीटिंग करके शहर के लोगों के साथ संवाद स्थापित करें।

इस प्रकार का संवाद जो रुके हुए छोटे-छोटे काम है उनको जल्दी से जल्दी निपटा कर भिवंडी शहर को अच्छे और खूबसूरत शहर में बदलने में सहायता करेगा। इस तरह का संवाद हर सरकारी महकमा जनता के साथ करने लगे तो शायद छोटी-मोटी समस्याएं जो है बिना छुटभैय्ये नेताओं के बिना ही पूरी की जा सकती हैं।

भिवंडी माँगे जवाब के इस निवेदन को जनता कितना प्रतिसाद देती है या देखने के योग्य होगा अगर जनता अच्छा प्रतिसाद देती है इसका मतलब है कि भिवंडी की जनता भी जागरूक हो चुकी है और अगर प्रतिसाद अच्छा नहीं आता है इसका मतलब है कि जनता खुद बदलाव नहीं चाहती है बदलाव लाना है तो हर किसी को लड़ना होगा हर किसी को उस में सहयोग देना होगा।

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