बंद हो कम्पलीशन ,प्रोजेक्ट ,एक्टिविटी और असाइनमेन्ट …एसएससी बच्चो का दर्द

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बंद हो कम्पलीशन ,प्रोजेक्ट ,एक्टिविटी और असाइनमेन्ट …एसएससी बच्चो का दर्द

पूरा समय प्रोजेक्ट, एक्टिविटी और अन्य कामो में होता है बर्बाद

एक न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार ,एसएससी के विद्यार्थियों को 2019 में रिजल्ट्स सबसे निचले स्तर पर बताये जा रहे हैं।
हमारे टीम ने जब इन बच्चो की तरफ रुख किया तब कुछ बाते चौकाने वाले निकली।
एसएससी बच्चो को सबसे ज्यादा मेहनत प्रोजेक्ट्स, एक्टिविटी ,असाइनमेंट्स में करने पड़ते हैं। इन कामो में कई घंटों का समय निकल जाता हैं। काम सिर्फ यहीं नहीं थमता। इन बच्चों को कम्पलीशन भी करना होता है। इन कम्पलीशन में उन बच्चो को स्कूल्स में नोटबुक औऱ वर्कबुक अर्थात व्यवसाय भी पूरे करवाएं जाते हैं। सबसे हास्यपूर्ण बात यह है की जो चीजें वर्कबुक में लिखी जाती है वही चीज़े नोटबुक में भी लिखवाई जाती है। स्कूल में बिताए कुछ घंटे और फिर इन मजदूरी के कुछ घंटों में ही बच्चो का पूरा समय नष्ट हो जाता है। यह दर्द सिर्फ एसएससी के बच्चों का ही नहीं बल्कि सभी कक्षा के बच्चों का है।

ऊपर दिए सभी चीजों के लिए केवल 20 गुण मिलते हैं और शेष के लिए 80 गुण मिलते हैं। बच्चों के मुताबिक उनका सारा समय स्कूल के , यातायात में और बचा समय इन 20 गुणों को हासिल करने में समाप्त हो जाते हैं। यही कारणों से बच्चे 80 गुणों पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते हैं और एसएससी के इम्तिहान में कम गुण प्राप्त होते हैं।

बच्चो का कहना है की अगर सभी प्रोजेक्ट, एक्टिविटी और कम्पलीशन को अगर शिक्षा क्षेत्र बंद करवाती है तो पढ़ाये हुए सिलेबस को बच्चे अच्छे से याद करके , समझके तैयारी करने में काफी समय मिल जाएगा।

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