आरे के पेड़ बचाओ अभियान के बाद अब मेट्रो के भी समर्थन में उतरे लोग

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आरे के पेड़ बचाओ अभियान के बाद अब मेट्रो के भी समर्थन में उतरे लोग

मुंबई का आरे बचाओ आंदोलन तेजी से तूल पकड़ते जा रहा है। पेड़ बचाने की इस आंदोलन में जोर शोर से मुहिम तेज होते दिख रही है। इस मुहिम को आगे बढ़ाने का काम वनशक्ति नामक एक संस्था है कर रही है। इस मुहिम का श्रेय स्टॅलिन दयानंद को जाता है जिन्होंने इस मुहिम को आगे बढ़ाने की हिम्मत दिखाई है ।

वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया में भी एक विपरीत आंदोलन दिखाई पड़ रहा है। जिसमें सामान्य जनता का कहना है कि आज मुंबई की स्थिति जनसंख्या के मामलों में जी भयावह है। बढ़ती जनसंख्या के कारण आज छोटी सी दूरी तय करने के लिए भी घंटो घंटो सफर करना पड़ता है। इस सफर का समय कम करने हेतु महाराष्ट्र सरकार ने मेट्रो प्रोजेक्ट की शुरुआत की जिससे सामान्य जनता के समय की काफी बचत होने वाली है। ऐसे प्रोजेक्ट का विरोध करना जनता के हित मे बिल्कुल नहीं होगा।

माय ग्रीन सोसाइटी के विशाल टिबरे वाला का कहना है की मेट्रो प्रोजेक्ट समाज और लोगो के हित में है। अगर 2700 पेड़ कटने वाले हैं तो लोगों को आगे आकर पेड़ लगाकर सरकार की मदद करना चाहिए। स्वयं विशाल टिबरेवाला पेड़ लगाने की मुहिम शुरू करने वाले जिसमे उन्होंने लोगों से अपील की है की पर्यावरण संवर्धन में लोग उनसे जुड़े और सरकार पर्यावरण विरोधी न होकर समाज हित मे निर्णय ले रही है। इस मामले को लेकर सोशल मीडिया में भी मेट्रो के लिए काफी आवाज़ उठ रही है और लोगों का कहना है की विकास और पर्यावरण के बीच का संतुलन हमे बनाके रखना चाहिए। सरकार के निर्णय सामान्य जनता के लिए है नाकि पर्यावरण विरोधी है। स्क्रॉल इंडिया की एक रिपोर्ट अनुसार 30 वर्षों में 23,716 इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स में जंगलों के कई हिस्से नष्ट हो चुके है। इसी रिपोर्ट को लेकर सोशल मीडिया में सवाल उठ रहे हैं की आखिर शासकीय प्रोजेक्ट में ही अड़ंगा क्यों आता है और पर्यावरण संवर्धन वाली संस्था इन इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स को लेकर आखिर इतना नर्म रुख क्यों अपनाती है?

आपको बता दे , की एक न्यूज़ रिपोर्ट अनुसार ,नासा ने भारत और चीन पर पर्यावरण संबंधित एक रिपोर्ट जारी की थी। जिससे बात स्पष्ट है की भारत और चीन पर्यावरण को लेकर काफी सकारात्मक और जागरूक है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने भी इस विषय मे स्पष्टीकरण दिया है।

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